आयुर्वेद पथ चिकित्सालय
वैद्य सुशान्त मिश्र
वैद्य सुशान्त मिश्र के बारे में
वैद्य सुशान्त मिश्र

वैद्य सुशान्त मिश्र

बी.ए.एम.एस., गुरुकुल कांगड़ी आयुर्वेदिक कॉलेज, हरिद्वार (वर्ष 2002)

उपलब्धियां

  • आयुर्विशारद अवार्ड से सम्मानित
  • विश्व आयुर्वेद परिषद के सदस्य
  • राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर नाड़ी परीक्षा से संबंधित सेमिनार, वेबिनार तथा कार्यशालाओं में सक्रिय भागीदारी
  • नाड़ी परीक्षा में विशेषज्ञता — वर्ष 2020 में "Ayurvedic Method of Pulse Examination" विषय पर एक अंतर्राष्ट्रीय जर्नल में शोध-पत्र प्रकाशित
  • अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (AIIA, नई दिल्ली) द्वारा शोधार्थियों हेतु आयोजित प्रतिष्ठित कार्यशाला में नाड़ी परीक्षा पर अपना विशिष्ट ज्ञान साझा करने का अवसर प्राप्त
  • वर्ष 2023 में G20 के तीनों शिखर सम्मेलनों में सक्रिय भागीदारी, जिससे नाड़ी परीक्षा को वैश्विक स्तर पर गौरवपूर्ण पहचान मिली
  • दूरस्थ (दूत नाड़ी) मामलों हेतु आयुर्वेद की दुर्लभतम विधा "दूत नाड़ी" पर कार्यरत
  • हाल ही में नाड़ी परीक्षा पर आधारित पुस्तक "Decoding Nāḍī" की रचना
  • 11 मई 2026 को देहरादून स्थित लोक भवन में आयोजित "लोक मिलन" कार्यक्रम में उत्तराखंड के माननीय राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (अवकाश प्राप्त) श्री गुरमीत सिंह जी को अपनी पुस्तक "डीकोडिंग नाड़ी" भेंट करने का सम्मान प्राप्त हुआ

अनुभव

  • हाउस ऑफिसर — गुरुकुल कांगड़ी आयुर्वेदिक कॉलेज एवं हॉस्पिटल, हरिद्वार (6 माह)
  • रेजिडेंट मेडिकल ऑफिसर — ऋषिकुल स्नातकोत्तर आयुर्वेदिक कॉलेज एवं हॉस्पिटल, हरिद्वार (1 वर्ष)
  • वरिष्ठ वैद्य — पतंजलि योगपीठ, हरिद्वार (7 वर्ष)
  • परामर्शदाता चिकित्सक — "आयुर्वेद पथ चिकित्सालय" (12 वर्षों से)
  • वर्तमान में मेडिकल ऑफिसर (आयुष) — जनपद टिहरी गढ़वाल, उत्तराखंड
वैद्य सुशान्त मिश्र
आयुर्वेद पथ चिकित्सालय
अदिति बैंक्वेट हॉल के सामने, नैनीताल बैंक के निकट
बदरीनाथ हाईवे, श्रीनगर, उत्तराखंड — पिन 246174
मोबाइल — 9412022094
ईमेल — dr.sushant@hotmail.com
प्रकाशन
डीकोडिंग नाड़ी पुस्तक
डीकोडिंग नाड़ी (Decoding Nāḍī)

एक यात्रा: दोष नाड़ी से दूत नाड़ी तक

नाड़ी परीक्षा पर वैद्य सुशान्त मिश्र के 20 वर्षों के अनुभव पर आधारित यह ग्रंथ हिंदी भाषा में आयुर्वेद की अमूल्य निधि "नाड़ी परीक्षा" के गूढ़ रहस्यों को उजागर करता है — वात, पित्त व कफ की नाड़ी की पहचान से लेकर दूत नाड़ी (दूरस्थ रोगियों की नाड़ी परीक्षा) तक की गहन एवं व्यावहारिक जानकारी।

प्रकाशक (Publisher): Notion Press | ISBN: 979-8-90176-151-9

📱 ई-बुक (Kindle संस्करण) Kindle ऐप पर उपलब्ध है
विभिन्न रोगों में आहार-विहार
कुल 44 रोग सूचीबद्ध हैं — नीचे सूची में से किसी पर भी टैप करें
वीडियो
आगामी कार्यक्रम

यहाँ जल्द ही आगामी कार्यक्रमों (शिविर, रिट्रीट, कार्यशाला आदि) की जानकारी जोड़ी जाएगी।

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डाउनलोड्स (आयुर्वेदिक चिकित्सकों के लिए)
आयुष चिकित्सकों को अल्ट्रासोनोग्राफी आदि जांच लिखने का अधिकार — NCISM पत्र
National Commission for Indian System of Medicine (NCISM) द्वारा जारी पत्र, जिसमें स्पष्ट किया गया है कि आयुष (आयुर्वेद, यूनानी, सिद्ध व सोवा-रिग्पा) चिकित्सक अपनी योग्यता के अनुसार अल्ट्रासोनोग्राफी सहित अन्य जांचें लिखने के लिए अधिकृत हैं। दिनांक: 24-06-2026
आयुष चिकित्सकों को फिटनेस सर्टिफिकेट (ड्राइविंग लाइसेंस आदि हेतु) जारी करने का अधिकार — NCISM आदेश
NCISM का आधिकारिक आदेश (Office Order), जिसमें ESI Corporation सहित संबंधित प्राधिकरणों को निर्देशित किया गया है कि आयुष चिकित्सकों द्वारा जारी मेडिकल/फिटनेस सर्टिफिकेट को विधिवत मान्यता दी जाए। दिनांक: 17-01-2022
समीक्षा व लोकेशन

क्लिनिक का पता

वैद्य सुशान्त मिश्र

"आयुर्वेद पथ" चिकित्सालय

नैनीताल बैंक के नीचे

श्रीनगर - बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग

श्रीनगर, (जनपद पौड़ी गढ़वाल)

उत्तराखंड - 246174

ईमेल - dr.sushant@hotmail.com

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परामर्श का समय

शीतकालीन सोमवार से शनिवार, सायं 4:30 - 6:30
ग्रीष्मकालीन सोमवार से शनिवार, सायं 5:30 - 7:30
प्रत्येक रविवार प्रातः 10:00 - 1:00
ई-निघंटु
कुल 478 औषधीय व आहार द्रव्य सूचीबद्ध हैं
शारीरिक प्रकृति परीक्षण

आयुर्वेदिक शारीरिक प्रकृति परीक्षण

वात – पित्त – कफ आधारित शारीरिक प्रकृति मूल्यांकन

वात पित्त कफ

यदि पूरे संसार के लोगों को आयुर्वेद के तरीके से (वात-पित्त-कफ के आधार पर) बांटा जाए तो 7 अलग-अलग श्रेणियां (categories) बनेंगी। आयुर्वेद में इन श्रेणियों को "शारीरिक प्रकृति" कहा जाता है।

और इन अलग-अलग श्रेणियों में जो भी लोग आएंगे, उन सभी श्रेणियों के व्यक्तियों को सदा स्वस्थ रहने के लिए कैसा खान-पान अपनाना चाहिए, यह भी आयुर्वेद में स्पष्ट बताया गया है।

तो यदि आप भी जानना चाहते हैं कि आयुर्वेद के हिसाब से आपकी "शरीर की प्रकृति" क्या है और "पूरे जीवन भर स्वस्थ" बने रहने के लिए आपको अपनी शारीरिक प्रकृति के हिसाब से "कैसा खान-पान" रखना चाहिए, तो नीचे दिए गए 14 सवालों के आगे उनके सही विकल्पों पर निशान लगाकर, नीचे दिए गए "प्रकृति निकालें" बटन को टैप कीजिए।

नीचे 14 प्रश्न दिए गए हैं। प्रत्येक के सामने तीन विकल्प लिखे हैं। उन तीनों विकल्पों में से जो आपके ऊपर सबसे ज्यादा लागू होता हो, उसे टिक कर दें।

ध्यान दें -
यदि आप पुरुष हैं तो अपने परिवार के किसी महिला सदस्य जैसे अपनी माता, बहन, पत्नी अथवा पुत्री को अवश्य साथ बैठा कर इस प्रश्नावली को भरें।
इसी प्रकार यदि आप स्त्री हैं तो अपने परिवार के किसी पुरुष सदस्य जैसे पिता, भाई, पति अथवा पुत्र इत्यादि में से किसी को साथ बैठा कर इस प्रश्नावली को भरें।
इससे प्रश्नावली के उन सभी प्रश्नों के सही उत्तर टिक करने में आपको सुविधा होगी और सटीक परिणाम प्राप्त होते हैं।
-- वैद्य सुशान्त मिश्र
(M.O./C.H.O. आयुष हेल्थ एवं वेलनेस सेंटर, थाती बडियार गढ़, टिहरी गढ़वाल, उत्तराखंड, भारत)
शारीरिक प्रकृति - 7 प्रकार
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⚠️ महत्वपूर्ण सूचना: यह प्रकृति-परिणाम आपके द्वारा दी गई जानकारी एवं आपके द्वारा चुने गए विकल्पों के आधार पर स्वतः तैयार किया गया है। चूंकि यह मूल्यांकन स्वयं द्वारा भरी गई प्रश्नावली पर निर्भर करता है, अतः किसी प्रश्न को समझने में हुई चूक या भ्रम के कारण परिणाम में कुछ अंतर संभव है। यह एक स्व-मूल्यांकन उपकरण है, न कि चिकित्सकीय निदान। कृपया इसे केवल एक प्रारंभिक जानकारी के रूप में लें और सटीक प्रकृति-निर्धारण एवं उपचार हेतु किसी योग्य आयुर्वेदिक चिकित्सक से व्यक्तिगत रूप से परामर्श अवश्य करें।