बी.ए.एम.एस., गुरुकुल कांगड़ी आयुर्वेदिक कॉलेज, हरिद्वार (वर्ष 2002)
एक यात्रा: दोष नाड़ी से दूत नाड़ी तक
नाड़ी परीक्षा पर वैद्य सुशान्त मिश्र के 20 वर्षों के अनुभव पर आधारित यह ग्रंथ हिंदी भाषा में आयुर्वेद की अमूल्य निधि "नाड़ी परीक्षा" के गूढ़ रहस्यों को उजागर करता है — वात, पित्त व कफ की नाड़ी की पहचान से लेकर दूत नाड़ी (दूरस्थ रोगियों की नाड़ी परीक्षा) तक की गहन एवं व्यावहारिक जानकारी।
प्रकाशक (Publisher): Notion Press | ISBN: 979-8-90176-151-9
यहाँ जल्द ही आगामी कार्यक्रमों (शिविर, रिट्रीट, कार्यशाला आदि) की जानकारी जोड़ी जाएगी।
वैद्य सुशान्त मिश्र
"आयुर्वेद पथ" चिकित्सालय
नैनीताल बैंक के नीचे
श्रीनगर - बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग
श्रीनगर, (जनपद पौड़ी गढ़वाल)
उत्तराखंड - 246174
ईमेल - dr.sushant@hotmail.com
📍 Google Maps पर देखें / समीक्षा देंवात – पित्त – कफ आधारित शारीरिक प्रकृति मूल्यांकन
यदि पूरे संसार के लोगों को आयुर्वेद के तरीके से (वात-पित्त-कफ के आधार पर) बांटा जाए तो 7 अलग-अलग श्रेणियां (categories) बनेंगी। आयुर्वेद में इन श्रेणियों को "शारीरिक प्रकृति" कहा जाता है।
और इन अलग-अलग श्रेणियों में जो भी लोग आएंगे, उन सभी श्रेणियों के व्यक्तियों को सदा स्वस्थ रहने के लिए कैसा खान-पान अपनाना चाहिए, यह भी आयुर्वेद में स्पष्ट बताया गया है।
तो यदि आप भी जानना चाहते हैं कि आयुर्वेद के हिसाब से आपकी "शरीर की प्रकृति" क्या है और "पूरे जीवन भर स्वस्थ" बने रहने के लिए आपको अपनी शारीरिक प्रकृति के हिसाब से "कैसा खान-पान" रखना चाहिए, तो नीचे दिए गए 14 सवालों के आगे उनके सही विकल्पों पर निशान लगाकर, नीचे दिए गए "प्रकृति निकालें" बटन को टैप कीजिए।
नीचे 14 प्रश्न दिए गए हैं। प्रत्येक के सामने तीन विकल्प लिखे हैं। उन तीनों विकल्पों में से जो आपके ऊपर सबसे ज्यादा लागू होता हो, उसे टिक कर दें।